मुंबई से दिल्ली 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी वंदे भारत एक्सप्रेस, होगा देश का पहला फास्टेस्ट रूट
Vande Bharat Express will run from Mumbai to Delhi at a speed of 160 kmph, will be the country's first fastest route...

वंदे भारत ट्रेन मडगांव-मुंबई रूट पर चलने जा रही है। देश के किसी भी रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की औसत स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा नहीं है। मुंबई से दिल्ली रूट पर तेजी से छठी लाइन बन रही है। इसके बाद देश की सबसे स्पीड में चलने वाली वंदे भारत ट्रेन इसी रूट पर होगी।
मुंबई: जल्द ही देश की 19वीं वंदे भारत ट्रेन मडगांव-मुंबई रूट पर चलने जा रही है, लेकिन देश के किसी भी रूट पर इस ट्रेन की औसत गति 100 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा नहीं है। जाहिर सी बात है 200 किमी प्रतिघंटा स्पीड की क्षमता वाली वंदे भारत का पूरा फायदा लेने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारना होगा और ये काम मुंबई-दिल्ली रूट पर बड़ी तेजी से हो रहा है। इस रूट को 160 किमी/घंटे वाली रफ्तार की क्षमता के लिए तैयार किया जा रहा है। ये परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई सेंट्रल से विरार तक ट्रेनें 100 किमी/घंटे से ज्यादा स्पीड में चलेंगी। साथ ही, छठी लाइन का काम होने से लोकल ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ेगी और सेवाओं में भी बढ़ोतरी की जाएगी...country's first fastest route....
मिशन रफ्तार के तहत ये काम पूरा करने की डेडलाइन मार्च, 2024 है। रफ्तार बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है मौजूदा पावर को डबल करना। अभी 25kv पर ट्रेनें चल रही हैं, जिन्हें 25kvX2 किया जा रहा है। भारत में ये काम फिलहाल दिल्ली-मुगलसराय और मुगलसराय-हावड़ा रूट पर हो रहा है, अब तीसरा रूट मुंबई-दिल्ली मार्ग भी एक साल में हो जाएगा। इसके लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को 6,661.41 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। इसमें ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग आदि सिस्टम अपग्रेड किए जा रहे हैं....country's first fastest route...
स्पीड को रोकने में सबसे बड़ा रोड़ा होती है स्पीड रेस्ट्रिक्शन, जिन्हें लगाना रेलवे की मजबूरी है। कहीं पटरियों पर घुमाव, तो कहीं लेवल क्रॉसिंग की वजह से ये रेस्ट्रिक्शन लगाए जाते हैं। जहां तक मानव रहित लेवल क्रॉसिंग की बात है, तो मुंबई से अहमदाबाद तक पूरे रूट पर इन्हें बंद कर दिया गया है। पटरियों पर कोई जानवर न आए, इसके लिए अब तक 380 किमी रूट पर मेटल फेंसिंग का काम हो चुका है और 40 प्रतिशत काम बाकी है। पर्मानेंट स्पीड रेस्ट्रिक्शन (PRS) को हटाने के लिए करीब 80% प्रतिशत से ज्यादा स्विच कर्व नए लगाए गए। थिक वेब स्विच फेसिंग सेट का काम विरार-सूरत के बीच पूरा हो चुका है, जबकि सूरत-वडोदरा-अहमदाबाद के बीच इस साल के अंत तक काम होगा पूरा होगा। स्विच कर्व के कारण ट्रैक बदलते समय ट्रेनें रफ्तार कम किए बिना डायवर्ट हो सकती हैं। इसके अलावा सभी छोटे ब्रिज नए बना लिए गए हैं और बड़े ब्रिज का काम अंतिम चरण में है...country's first fastest route........
-1,479 किमी मुंबई-दिल्ली रूट पर 12 घंटे में ट्रेन यात्रा पूरी हो सकेगी।
-496 किमी मुंबई-अहमदाबाद रूट पर अपग्रेडेशन का काम अंतिम चरण में है।
-794 किमी हिस्सा पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है।
-6,680 करोड़ रुपये प्रॉजेक्ट की अनुमानित लागत आंकी गई है।
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