मुंबई से दुबई सिर्फ 2 घंटे में ; अंडर वाटर रेल लिंक
Mumbai to Dubai in just 2 hours; Underwater rail link

सिर्फ 2 घंटे में मुंबई से दुबई, यह सपना नहीं सच है और जल्द साकार होने वाला है. दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सलाहकार ब्यूरो लिमिटेड की योजना के अनुसार, दुबई और मुंबई के बीच अंडर वाटर रेल लिंक प्रस्तावित किया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा का समय घटकर केवल दो घंटे रह जाएगा. हाई-स्पीड ट्रेन 600 से 1,000 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी. यह परियोजना कुछ साल पहले प्रस्तावित की गई थी, लेकिन इसकी मंजूरी या विकास पर कोई बड़ा अपडेट नहीं आया है.
मुंबई : सिर्फ 2 घंटे में मुंबई से दुबई, यह सपना नहीं सच है और जल्द साकार होने वाला है. दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रीय सलाहकार ब्यूरो लिमिटेड की योजना के अनुसार, दुबई और मुंबई के बीच अंडर वाटर रेल लिंक प्रस्तावित किया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा का समय घटकर केवल दो घंटे रह जाएगा. हाई-स्पीड ट्रेन 600 से 1,000 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी. यह परियोजना कुछ साल पहले प्रस्तावित की गई थी, लेकिन इसकी मंजूरी या विकास पर कोई बड़ा अपडेट नहीं आया है.
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल एडवाइजर ब्यूरो लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले एक यूट्यूब अकाउंट ने भी एक वीडियो शेयर किया है जिसमें दिखाया गया है कि रेल लिंक बनने के बाद कैसा दिखेगा. हालांकि, इसकी जटिल इंजीनियरिंग जरुरतों के कारण इस परियोजना में अरबों डॉलर का निवेश होने की उम्मीद है.
मुंबई-दुबई अंडरवाटर रेल लिंक से फायदे
· इस रेल लिंक को 600 से 1,000 किमी/घंटा की हाई स्पीड के लिए डिज़ाइन किया गया है.
· मुंबई और दुबई के बीच एयर ट्रैवल टाइम 3 घंटे 15 मिनट है, जबकि इस रेल लिंक से सिर्फ 2 घंटे लगेंगे.
· दोनों देशों के बीच कच्चे तेल समेत माल परिवहन और सुविधाजनक होगा.
· 2030 तक ऑपरेशन शुरू करने का टारगेट है. हालांकि, मंजूरी और वित्तीय सहायता मिलना बाकी है.
मुंबई-दुबई के बीच कितनी दूरी
मुंबई और दुबई के बीच एयर डिस्टेंस (हवाई दूरी) लगभग 1,928 किलोमीटर (1,198 मील) है. वहीं, सड़क मार्ग से दोनों देशों के बीच की दूरी लगभग 6,628 किलोमीटर (4,118 मील) है, जिसे ड्राइव करने में लगभग 3 दिन और 11 घंटे लगते हैं, जबकि दोनों देशों के बीच जलीय मार्ग (समुद्री दूरी) लगभग 1,172 समुद्री मील (2,170 किलोमीटर) है. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो रेल लिंक 2030 तक पूरा हो सकता है. इस पहल का उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापार और परिवहन दक्षता में सुधार करना है. अंडरवाटर रेल लिंक को हवाई यात्रा के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, जो दोनों शहरों के बीच यात्रियों और माल दोनों को ले जाएगा. यह भारत और यूएई के बीच कच्चे तेल समेत माल की आवाजाही को सुविधाजनक बना सकता है, जिससे व्यापार संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
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