किसानों के मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी का 'किसान आक्रोश मोर्चा' शुरू
Maharashtra's 57th Nirankari Sant Samagam: Voluntary services begin with great enthusiasm
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पुणे, जुन्नर में महाविकास अघाड़ी की ओर से 'किसान आक्रोश मोर्चा' की शुरुआत हो रही है. जुन्नर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को नमन कर मार्च की शुरुआत की जा रही है. सांसद सुप्रिया सुले और डाॅ.अमोल कोल्हे को किसानों के मुद्दे पर आवाज उठाने के बाद संसद से सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद सांसद डाॅ. कोल्हे और सुप्रिया सुले ने 'किसान आक्रोश मोर्चा' आयोजित करने का फैसला किया.
पुणे, जुन्नर में महाविकास अघाड़ी की ओर से 'किसान आक्रोश मोर्चा' की शुरुआत हो रही है. जुन्नर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को नमन कर मार्च की शुरुआत की जा रही है. सांसद सुप्रिया सुले और डाॅ.अमोल कोल्हे को किसानों के मुद्दे पर आवाज उठाने के बाद संसद से सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद सांसद डाॅ. कोल्हे और सुप्रिया सुले ने 'किसान आक्रोश मोर्चा' आयोजित करने का फैसला किया. इसमें मुख्य तौर पर प्याज निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाने और निर्यात के लिए एक स्थायी नीति तय करने की मांग की जा रही है. मोर्चा पुणे कलेक्टर कार्यालय में प्रमुख नेताओं की बैठक के साथ खत्म होगा.
इस दौरान प्याज किसानों के अलावा डेयरी किसानों की भी आवाज उठाई जाएगी. मांग की जाएगी कि डेयरी किसानों को निजी और सहकारी के बीच अंतर किए बिना दूध बेचने पर 5 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी मिलनी चाहिए. राज्य सरकार ने सिर्फ सहकारी डेयरी पर दूध बेचने वाले किसानों को ही दूध की बिक्री पर 5 रुपये प्रति लीटर की मदद देने का फैसला किया है. जिसका राज्य में विरोध हो रहा है.
मोर्चा के दौरान आपदाग्रस्त तालुकाओं में कृषि के लिए निर्बाध बिजली की आपूर्ति की मांग भी उठाई जा रही है. फसल बीमा कंपनियों से उन किसानों को तुरंत मुआवजा दिलाने की मांग उठाई जा रही है जो सूखे या अतिवृष्टि से प्रभावित हैं. मोर्चा में किसानों को पूर्ण ऋण माफी दिए जाने की मांग भी हो रही है. इसके अलावा किसानों के बच्चों की शिक्षा के लिए ऋण नीति लागू की जाने की मांग भी उठ रही है.
इन प्रमुख मांगों को लेकर एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस समेत महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने मोर्चा बुलाया है. 27 से 30 दिसंबर तक बड़े किसान आक्रोश मोर्चा का आयोजन किया गया है. जिसमें राज्य और देश के किसानों के मुद्दे उठाए जाएंगे. इन दिनों राज्य में प्याज किसानों का मुद्दा काफी गर्म है. क्योंकि सरकार ने प्याज एक्सपोर्ट पर बैन लगा दिया है. जिससे किसानों को मिलने वाला दाम कम हो गया है. पूरे महाराष्ट्र में केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध हो रहा है. जिसे खासतौर पर एनसीपी उठा रही है.
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