मुख्यमंत्री शिंदे के गृह जिले ठाणे वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द... खामियों को दूर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया रद्द
Tenders of 6 projects in Thane, Chief Minister Shinde's home district, have been cancelled... Tender process has been cancelled to remove the flaws

एमएमआरडीए द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर में प्रॉजेक्ट तैयार करने वाली कंपनियों की डिफेक्ट लायबिलिटी को 60 महीने से घटाकर 24 महीना कर दिया गया है। डिफेक्ट लायबिलिटी यानी प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद तय अवधि तक निर्माण करने वाली कंपनी को सड़क, ब्रिज की देखरेख करनी होती है।
मुंबई : मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए ) ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह जिले ठाणे वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द कर दिए हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एमएमआरडीए ने ठाणे कोस्टल रोड, ईस्टर्न-फ्री वे का ठाणे तक विस्तार, ठाणे-भिवंडी खाड़ी पर तीन ब्रिज, राष्ट्रीय महामार्ग से कटाई नाका तक उन्नत सड़क जैसे महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट्स के लिए टेंडर बुलाए थे।
साथ ही लोकसभा और शिक्षक विधायक चुनाव के चलते लागू आचार संहिता हटते ही प्रॉजेक्ट्स के टेंडर अलॉट होने की उम्मीद थी।लेकिन आचार संहिता हटते ही टेंडर रद्द कर एमएमआरडीए ने सबको चौंका दिया है। एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, खामियों को दूर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया रद्द की गई है। इसके साथ ही प्रॉजेक्ट के लिए दोबारा टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
एमएमआरडीए द्वारा आमंत्रित किए गए टेंडर में प्रॉजेक्ट तैयार करने वाली कंपनियों की डिफेक्ट लायबिलिटी को 60 महीने से घटाकर 24 महीना कर दिया गया है। डिफेक्ट लायबिलिटी यानी प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद तय अवधि तक निर्माण करने वाली कंपनी को सड़क, ब्रिज की देखरेख करनी होती है।
सड़क पर कोई भी खामी आने पर कंपनी को बगैर अतिरिक्त पैसा लिए मरम्मत कार्य करना होता है। मार्च में आमंत्रित टेंडर में कंपनियों के लिए डिफेक्ट लायबिलिटी की अवधि 60 महीने तय की गई थी, नए टेंडर में घटाकर 24 महीने कर दिया गया है।
एमएमआरडीए ने ईस्टर्न फ्री वे का विस्तार ठाणे तक करने की योजना बनाई है। प्रॉजेक्ट के पूरा होने के बाद वाहन बगैर ट्रैफिक में फंसे करीब 40 मिनट में सीएसएमटी से ठाणे तक पहुंच सकेंगे। ईस्टर्न फ्री वे का विस्तार के तहत घाटकोपर के छेड़ा नगर से ठाणे के बीच एलिवेटेड रोड तैयार किया जाएगा। लेकिन अब प्रॉजेक्ट्स शुरू होने में देरी हो सकती है।
एमएमआरडीए की तरफ से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह जिले वाले 6 प्रॉजेक्ट्स के टेंडर रद्द करने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में तेज है। इस पर सवाल भी उठ रहे हैं। आरटीआई ऐक्टिविस्ट अनिल गलगली ने टेंडर रद्द होने को हैरत भरा फैसला बताया। उनके अनुसार, एमएमआरडीए के पास एक्सपर्ट लोगों की कोई कमी नहीं है। प्रॉजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर ही चुनाव के पहले टेंडर आमंत्रित किए गए थे।
क्या टेंडर तैयार करने वाले एक्सपर्ट अधिकारियों को पहले टेंडर की खामी नजर नहीं आई? ऐसा लगता है कि किसी की मदद करने के लिए पहला टेंडर आमंत्रित किया गया था, चुनाव के बाद नए समीकरण बनने से दोबारा टेंडर आमंत्रित किया गया है। वहीं, बार-बार टेंडर में बदलाव करने से प्रॉजेक्ट का कार्य भी प्रभावित होता है।
बता दें कि ठाणे भिवंडी के बीच दशकों से ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए खाड़ी पर तीन ब्रिज तैयार करने की भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है। ठाणे के कोलशेत, गायमुख, कासारवडवली से भिवंडी के काल्हेर, पायगाव, खारबाव के बीच खाड़ी पर ब्रिज का निर्माण होना है।
ब्रिज के तैयार होने से गाड़ियां भिवंडी के साथ ही वसई तक तेजी से पहुंच सकेंगे। ब्रिज के बन जाने से वाहन ठाणे से घोडबंदर रोड से सीधे भिवंडी और वसई रोड तक चंद मिनट में पहुंच सकेंगे।
घोडबंदर रोड पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए एमएमआरडीए ने बालकुंभ से गायमुख के बीच बायपास डीपी सड़क (कोस्टल रोड) तैयार करने योजना बनाई है। कोस्टल रोड के बन जाने से भिवंडी से आने वाले वाहनों के साथ ही करीबी परिसर में रहने वालों लोगों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा।
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